नई कार खरीदना हर किसी के लिए बेहद खास पल होता है। लेकिन ये खुशी तब दोगुनी होती है जब आपको आपकी कार बिना किसी दिक्कत के, बिल्कुल सही हालत में मिल जाए। बहुत से लोग कार की डिलीवरी के समय जल्दबाजी में कई छोटी–छोटी गलतियाँ कर देते हैं, जिनका असर बाद में पड़ता है—कभी कार में कोई फीचर मिसिंग मिल जाता है, कभी एक्सेसरीज़ पूरी नहीं होती, या कभी कार में प्री-डिलीवरी से संबंधित छोटी-सी कमी बाद में बड़ी परेशानी का कारण बन जाती है। इसलिए यहाँ हम आपके लिए लेकर आए हैं पेट्रोल और डीज़ल कार की डिलीवरी लेते समय ध्यान रखने लायक 10 बेहद जरूरी बातें, जो आपकी गाड़ी को बिना टेंशन के लेने में मदद करेंगी।
PDI (Pre-Delivery Inspection) जरूर करवाएँ
PDI यानी प्री-डिलीवरी इंस्पेक्शन सबसे ज़रूरी कदम है। कार आपके नाम डिलीवर होने से पहले उसका पूरा चेक होना चाहिए। आप डीलर से PDI रिपोर्ट मांग सकते हैं या खुद भी कार को चेक कर सकते हैं।
इसमें आपको यह देखना चाहिए:
- कार नई है या पहले से चली हुई (Odometer 50–100 किमी तक ठीक है)
- पेंट पर खरोंच या डेंट नहीं हैं
- पैनल गैप सही हैं
- हेडलाइट, टेललाइट, इंडिकेटर ठीक से काम कर रहे हैं
- टायर नई डेट वाले हों
- अंदरूनी फिटिंग ठीक से फिक्स हो
PDI सही तरीके से होने पर आपको बाद में किसी भी समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
VIN और Engine Number मैच करना बहुत जरूरी है
जब भी आप कार लेते हैं, डीलर आपको एक VIN नंबर देता है, जो बुकिंग के समय भी बताया जाता है। कार की डिलीवरी के समय वही नंबर मैच होना चाहिए। इसी तरह इंजन नंबर भी RC, इंश्योरेंस और कार की प्लेट पर एक जैसा होना चाहिए। कई बार डीलर दूसरे वाहन का VIN चढ़ाकर कार देने की कोशिश करते हैं। इसलिए ये चेक बेहद आवश्यक है।
कार के फीचर्स एक–एक करके चेक करें
आजकल कारें बहुत सारे फीचर लेकर आती हैं । टचस्क्रीन, कैमरा, स्टीयरिंग कंट्रोल, सेंसर, क्लाइमेट कंट्रोल, क्रूज़ कंट्रोल, USB पोर्ट वगैरह। डिलीवरी के वक्त आपको यह सुनिश्चित करना चाहिए।
- सभी फीचर्स ठीक से काम कर रहे हों
- साउंड सिस्टम क्लियर हो
- रियर कैमरा बिना लैग के दिखे
- सभी बटन स्मूद काम करें
- विंडो ऑटो अप/डाउन ठीक हो
कई बार फीचर काम नहीं करते और बाद में पता चलता है कि वायरिंग या सॉफ्टवेयर में समस्या है। इसलिए चेक करना जरूरी है।
एक्सेसरीज़ चेक करना न भूलें
अक्सर डीलर एक्सेसरीज़ इंस्टॉल कर देते हैं, लेकिन कुछ आइटम मिस कर देते हैं। इसलिए ये एक्सेसरीज़ जरूर चेक करें:
- Toolkit
- स्पेयर व्हील
- जैक + रोड साइन
- सीट कवर (अगर आपने पैकेज लिया है)
- फ्लोर मैट
- मड गार्ड
- कार चार्जर या 12V सॉकेट
अगर आपने अलग से पैकेज लिया है, तो उसकी लिस्ट से मैच करें।
पेंट और बॉडी इंस्पेक्शन ध्यान से करें
यह एक महत्वपूर्ण बिंदु है, क्योंकि अगर कार में डेंट, खरोंच या पैनल मिसअलाइनमेंट है, तो बाद में कंपनी इसे “डिलीवरी से पहले की गलती” कहकर क्लेम से बाहर कर सकती है। इसलिए भी जरूर देखें :-
- बोनट और डोर पर समान गैप
- पेंट पर कोई बबल नहीं
- हेडलाइट और टेललाइट ठीक फिक्स हों
- टायर सही बैलेंस में हों
एक बार कार घर चली गई तो फिर बदलवाने में महीनों लग जाते हैं।
इंजन की आवाज़, वाइब्रेशन और स्मूदनेस देखें
पेट्रोल और डीज़ल कारों में इंजन बहुत महत्वपूर्ण होता है। इंजन स्टार्ट करें और देखें इनमे से कोई दिकत तो नहीं है।
- आवाज़ स्मूद है या कोई अजीब नॉइज़
- RPM स्थिर है
- एक्सेलेटर दबाने पर इंजन झटके नहीं देता
- क्लच सॉफ्ट है
- ब्रेक वाइब्रेशन नहीं करता
इनमें से किसी भी समस्या पर तुरंत डीलर को बताएं
कार के सभी फ्लूइड लेवल चेक करें
एक नई कार में सभी फ्लूइड फुल लेवल पर होने चाहिए। ये चेक करें:
- इंजन ऑयल
- Coolant
- Brake fluid
- Windshield washer
कई बार डिलीवरी जल्दी में होती है और कार ठीक से तैयार नहीं की जाती। इससे भविष्य में इंजन को नुकसान हो सकता है।
इंश्योरेंस और वारंटी पेपर ध्यान से पढ़ें
कार की डिलीवरी से पहले आपको पूरा डॉक्यूमेंट सेट मिलना चाहिए:
- इंश्योरेंस पॉलिसी
- Extended warranty (अगर आपने ली है)
- RSA (Roadside Assistance)
- सर्विस बुक
- ओनर मैनुअल
इंश्योरेंस में IDV और Zero Dep कवर सही है या नहीं ये भी ध्यान दें।
टेस्ट ड्राइव जरूर करें
डिलीवरी से पहले एक छोटी टेस्ट ड्राइव आपको कई चीजें बताती है:
- कार एक तरफ खिंच तो नहीं रही
- सस्पेंशन आवाज़ तो नहीं कर रहा
- ब्रेक सही से पकड़ रहे हैं
- गियर शिफ्ट स्मूद है या नहीं
- स्टीयरिंग में कोई प्ले नहीं
टेस्ट ड्राइव में कार की असल हालत का पता चलता है।
कार में फ्यूल जरूर चेक करें
डीलर की ज़िम्मेदारी है कि कार डिलीवरी के समय कम से कम 4–5 लीटर petrol या diesel दिया जाए। कई बार कार बिना फ्यूल के दे दी जाती है और सड़क पर ही बंद हो जाती है। इसलिए फ्यूल गेज जरूर चेक करें।
निष्कर्ष
नई कार लेना हर किसी का सपना होता है, और ये सपना पूरी तरह तभी पूरा होता है जब आपको कार बिल्कुल परफ़ेक्ट हालत में मिले। ऊपर दिए गए 10 पॉइंट्स कार की डिलीवरी को आसान, सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के बनाने में आपकी मदद करेंगे। अगर आप इन बातों को ध्यान में रखेंगे, तो आप न सिर्फ एक अच्छी कार लेकर जाएंगे बल्कि भविष्य में आने वाले कई संभावित झंझटों से भी बच जाएंगे।